
बिलासपुर। अपोलो हॉस्पिटल अपने श्रेष्ठतम इलाजो के लिए जाना जाता है। वह आये दिन नई नई तकनीकों को अपना कर मरीजों के बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा मुहिया कराती रहती है।

(नई लीड लेस पेस मेकर)
हाल ही के दिनो मे हार्ट के मरीजों को पुरानी तकनीकी में जहा बड़ी सी पेस मेकर लगाया जाता था लेकिन अब अपोलो हॉस्पिटल ने नई तकनीकी का इस्तमाल कर पुराने बड़े से पेस मेकर की उलझनों से मरीजों को छुटकारा दिला कर बड़ी राहत प्रदान किया है ।
नई तकनीकी के बारे में अपोलो के सुप्रसिद्ध कोर्डियोलाजिस डॉक्टर संजय जैन एवम डॉक्टर श्यामल ने आज मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुराने पेस मेकर को शरीर में चीड़ फाड़ कर इसे हार्ट तक ले जाया जाता था। यह बड़ा एवम हेवी वेट का होता था इसे ज्यादा केयर करने की जरूरत पड़ती थी। इसमें लाइफ टाइम मरीज को सावधानी बरतनी पड़ती थी लेकिन नई लीड रहित पेस मेकर भले ही कीमत में थोड़ा अधिक है लेकिन इस तकनीकी में शरीर में कही कोई चीर फाड़ की जरूरत नही पड़ती। मरीज को 2 – 3 दिनो में हॉस्पिटल से घर भेज दिया जाता है । इसमें ज्यादा कुछ मरीज को रिस्ट्रेक्शन भी नही दी जाती ।

(पुराना पेस मेकर)
नया पेश मेकर बुलेट की गोली के समान छोटा सा होता है जिसे जांघ के नसों के द्वारा हार्ट में फिट कर दिया जाता है ,जो हार्ट की गति को सामान्य रखता है इसकी लाइफ 10 साल रहती है इसलिए इसे ज्यादा युवा मरीजों को डॉक्टर लगाने की सलाह नही देते । बाकी यह बहुत ही सुविधा जनक है। अपोलो हॉस्पिटल ने इसे हाल ही में एक मरीज को लगा कर चिकित्सा के क्षेत्र में नई उड़ान भरी है।
बताया जा रहा है कि इस तरह का तकनीकी मरीजों के लिए प्रदेश में पहली बार बिलासपुर के अपोलो हॉस्पिटल के द्वारा अपनाया गया है।अपोलो की इस सफलता पर सभी वर्गो के लोगो ने बधाई दी है।