
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग मे कार्यरत एएनएम / एमपीडब्ल्यू, नर्सिंग संवर्ग एवं चिकित्सकों द्वारा अपनी जायज मांगो के संबंध मे अनेक बार शासन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया था किन्तु आज पर्यन्त तक उनकी मांगे पूरी नही हुई ।

जिसे लेकर आज बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी सहित कार्यकर्ता नेहरू चौक धरना स्थल से रैली निकाल कर शासन के खिलाफ नारे लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहा उन्होंने अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों एवं अधिकारियों कि मांगो को शासन-प्रशासन द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है । हाल के अनुपूरक बजट में भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों एवं अधिकारियों कि मांगो की घोर उपेक्षा कि गई है । अतः मजबूरन छ.ग. स्वास्थ्य फेडरेशन द्वारा हम सभी को 21 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है।
छ.ग. स्वास्थ्य फेडरेशन ने अपने 05 प्रमुख मांगे शासन से की है जो निम्नलिखित है:-
1. वेतन विंसगतिः– स्वास्थ्य विभाग मे कार्यरत ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (एएनएम / एमपीडब्ल्यू) एवं नर्सिंग संवर्ग कि वेतनविसंगति विभाग द्वारा प्रस्तावित वेतनमान अनुरूप दूर किया जावे, एवं चिकित्सकों के वेतनमान / वेतन / स्टाईपेंड संबंधी मांग जल्द पूरा किया जावे। घटक संगठनों के मांगपत्र संलग्न ।
2. कोविड इसेंटीव :- माननीय मुख्यमंत्री जी के घोषणा अनुरूप कोरोना काल मे सेवा देने वाले चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष कोरोना मत्ता का भूगतान किया जावे।
3. अतिरिक्त कार्य / अवकाश दिवस का भूगतान:- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी 24 +7 शनिवार एवं रविवार (वार्षिक 104 दिवस अतिरिक्त कार्य ) एवं राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश के दिन भी अपनी सेवा देते है जबकि अन्य विभाग मे शनिवार रविवार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश भी प्राप्त होते है। इस तरह अन्य विभाग कि तुलना मे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकीय अमला वर्ष मे लगभग 132 दिवस (लगभग साढ़े चार माह) अधिक कार्य करते है। अतः अवकाश में लिए जाने वाले कार्य का प्रतिमाह वेतन के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप मे भूगतान किया जावे।
4.आईपीएचएस सेटअप कि स्वीकृति एवं भर्ती:- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मे विगत कुछ वर्षों मे मरीजो कि संख्या, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं योजनाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं मे वृद्धि हुई है । लेकिन हेल्थ सेटअप रिवाईज नही किया गया है, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ है, एवं गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। अतः आईपीएचएस अनुसार सेटअप रिवाईज किया जाए एवं रिक्त पदों पर एनएचएम के संविदा कर्मचारीयों को समायोजित किया जाए, तत्पश्चात रिक्त पदों पर भर्ती यथाशीघ्र किया जावे।
5. हिंसात्मक गतिविधियां:- स्वास्थ्य विभाग मे चिकित्सकीय कार्य मे लगे अमलों पर लगातार हिंसा कि घटनाओं मे वृद्धि से कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों में मय का माहौल व्याप्त है, जिसके कारण प्रदेश के चिकित्सकीय अमले कि जान-माल के नूकसान को भी नजरअंदाज नही किया जा सकता । ऐसे मे चिकित्सकीय अमलों पर हुए हिंसात्मक घटनाओं कि सूची तैयार कर आरोपी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश समस्त पुलिस अधीक्षकों को प्रसारित किया जावे एवं बढ़ती हिंसा पर लगाम लगाने के लिए निम्नलिखित कार्यवाही किया जावे:-
(अ) संस्थागत एफआईआर किसी भी संस्था मे हिंसात्मक घटना होने पर कार्यालय प्रमुख द्वारा तत्काल संस्थागत एफआईआर कराया जावे।
(ब) गृह विभाग द्वारा गाईडलाईन जारी – गृह विभाग द्वारा आरोपी कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट, एवं हिंसात्मक घटनाओं के विरूद्ध समस्त धाराओं के तहत 24 घंटे मे गिरफतारी के लिए आदेश प्रसारित किया जावे।
(स) पीड़ीत अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश कि पात्रता हो ।
(द) समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं मे गार्ड कि नियुक्ति किया जावे।