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बिलासपुरस्वास्थ्य

सिम्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के सराहनीय प्रयासों से एक मनोरोग बालिका अपने परिजनों से मिल पाई

बिलासपुर। सिम्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के सराहनीय प्रयासों से एक मनोरोग बालिका न केवल अपने परिवार के लोगो तक पहुंच पाई बल्कि उनकी मानसिक स्थिति में भी बेहद सुधार देखा गया।

मिली जानकारी के अनुसार एक 28 वर्षीय बालिका जो कि मैहर (मध्यप्रदेश ) की रहने वाली है,जो अंजाने में ट्रेन से बिलासपुर पहुंच गई थी जिसे रेलवे पुलिस ने पकड़ा और उसे पूछताछ कर जानकारी चाही लेकिन वह बालिका की मानसिक स्थिति ठीक नही होने के कारण वह कुछ बता पाने की स्थिति में नही थी। इसी अवस्था में उन्होंने उस बालिका को सिम्स हॉस्पिटल में इलाज के लिए 8 जनवरी को भर्ती कराया था।

जहा मनोरोग विभाग के डॉक्टरों की टीम ने उस बालिका के इलाज में अपनी पूरी ताकत झोंक दी । जिससे बालिका के स्वास्थ्य में बेहद तेजी से सुधार हुआ और वह 2 दिनो में ही बोलने की स्थिति में आ गई और उन्होंने अपने घर का पता बताया जिससे उसके घर वालो से संपर्क कर उसे उनकी बेटी की कुशलता की जानकारी दी गई ।

बालिका की मां सुनीता रावत ने बताया कि उनकी बेटी की मानसिक हालत ठीक नही है अक्सर वह उधर उधर चली जाती है। उस दिन भी वह कही चली गई थी देर रात तक जब उसका कोई पता नही चला तो थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गईं थी। इसी दौरान सिम्स हॉस्पिटल,बिलासपुर में उनकी बेटी भर्ती होने की जानकारी उन्हे मिली तो वे अपनी बेटी को लेने आज सिम्स हॉस्पिटल पहुंची है। जहां अपनी बेटी को कुशल पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने सिम्स हॉस्पिटल के सभी डॉक्टरों का आभार माना है।

इस पूरे कार्य में डिप्टी एमएस डॉक्टर विवेक शर्मा , डॉ एस के नायक, डॉक्टर जी एस सिंह, डॉक्टर राकेश जांगड़े ,डॉक्टर अंकित गुप्ता, डॉक्टर अंकित खरे, डॉक्टर अंशुल गुप्ता, डॉक्टर प्रियांश दुबे, डॉक्टर एलिस मेहर, डॉक्टर सुधांशु भट्ट आदि का सराहनीय योगदान रहा।