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न्यूज डेस्कबिलासपुर

बिहार विधानसभा चुनाव में आधार और पेन कार्ड मान्य नहीं,कांग्रेस पर्यवेक्षक शैलेश पांडेय ने जाहिर की अपनी तीखी प्रतिक्रिया

न्यूज डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं से विशेष पहचान प्रमाण पत्र की मांग किए जाने का पूरे देश में विरोध हो रही है। इस आदेश के खिलाफ कई विपक्षी दलो ने सुप्रीम कोर्ट की शरण भी ले चुके हैं।

वहीं इस मुद्दे को लेकर बिलासपुर शहर के पूर्व विधायक एवं बिहार चुनाव के कांग्रेस पर्यवेक्षक शैलेश पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम भारत के लोग— संविधान की इस भावना को केंद्र की मोदी NDA सरकार के चुनाव आयोग ने मज़ाक बना दिया है,अपने देश में वर्षों से रह रहे बिहार के नागरिक अब चुनाव आयोग के तानाशाही फरमान के कारण शायद वोट देने से वंचित हो जाए,लगभग आठ करोड़ मतदाता परेशान किए जा रहे है,एक माह में आठ करोड़ लोगों का मतदाता पुनरीक्षण भला कैसे हो पाएगा और न आधार कार्ड मान्य है,न राशन कार्ड मान्य है,न ड्राइविंग लाइसेंस मान्य है और न ही पैन कार्ड और मनरेगा कार्ड मान्य है,जरा आप ही बताइए पूरे बिहार के लोगों के पास क्या नागरिकता सिद्ध करने के लिए कौन स दस्तावेज उपलब्ध होगा। जब ये सब नहीं मान्य होगा।

माता पिता में से किसी एक का जन्म प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा

ये फरमान एक साजिश जैसा लग रहा है बिहार में NDA की भ्रष्ट सरकार है और पूरे बिहार को अफसर ही चला रहे है,वहाँ की ग़रीब जनता और अन्य सभी वर्ग परेशान पहले से ही है और अब अपने ही देश में नागरिकता सिद्ध करनी पड़ रही है। बिहार का चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है और मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण है।