
बिलासपुर। सालों से बंद पड़ी बिलासपुर की सिटी बस सेवा हाई कोर्ट की सख्ती के बाद जुलाई में शुरू हुई थी, लेकिन महज 20 दिन में ही फिर ठप हो गई। इस पर हाई कोर्ट ने परिवहन सचिव एस. प्रकाश को तलब किया है।
कोर्ट में गलत जानकारी देने पर सवाल
परिवहन सचिव ने 22 जुलाई को हलफनामा देकर दावा किया था कि सिटी बसों का बीमा, फिटनेस और टैक्स जमा है। 6 में से 5 बसें सड़कों पर चल रही हैं और 1 जल्द शुरू होगी। लेकिन वास्तविकता में बसें अब रूट पर नहीं हैं।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बस सेवा बंद होने से आम लोगों को महंगा किराया देकर ऑटो या निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बसें पुरानी हो चुकी हैं और मरम्मत के लायक नहीं हैं। दिवाली के बाद नई ई-बसें शुरू करने की बात कही जा रही है।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दैनिक भास्कर में 13 अगस्त को प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने नाराज़गी जताई। कोर्ट ने पूछा कि जब बसें चल ही नहीं रहीं, तो हलफनामे में 5 बसें चालू बताने का आधार क्या था। सचिव को गुरुवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।