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कोटाबिलासपुर

दर्दनाक हादसा: भनवारटंक के मरही माता मंदिर में माता का दर्शन कर लौट रहे 4 श्रद्धालुओं की नाले में बह जाने से हुई मौत



बिलासपुर। सोमवार का दिन बलौदाबाजार जिले के बिटकुली गांव के ध्रुव परिवार के लिए कभी न भूलने वाला काला दिन बन गया। धार्मिक आस्था से भरी यात्रा देखते-ही-देखते मातम में बदल गई। जानकारी के मुताबिक परिवार मरहीमाता मंदिर दर्शन के बाद लौट रहा था। इसी दौरान अचानक आई बाढ़ जैसे हालात ने छह लोगों को नाले में बहा दिया। घटना में तीन बच्चों समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोगों को ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बचा लिया।

ऐसे हुआ हादसा


डीएसपी नूपुर उपाध्याय ने बताया कि बिटकुली निवासी ध्रुव परिवार बस से मरहीमाता दर्शन करने भनवारटंक पहुंचा था। दर्शन और भोजन के बाद परिवार वापसी की तैयारी कर रहा था। तभी अचानक जंगल क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते मंदिर के पास बहने वाला नाला उफान पर आ गया और पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा। हालात को खतरनाक समझकर बस ड्राइवर ने यात्रियों को पैदल पुलिया पार करने की सलाह दी, लेकिन यह निर्णय जानलेवा साबित हुआ।

जैसे ही परिवार के लोग पुलिया पार करने लगे, छह सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गए। परिजनों ने पूरी हिम्मत जुटाकर दो लोगों को बाहर निकाल लिया, मगर बाकी चार लोग पानी की लहरों में समा गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े।

तलाश में जुटी पुलिस और SDRF


घटना की सूचना मिलते ही बेलगहना पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया। कुछ ही देर में तीन बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। मृतकों में मितांश ध्रुव (5 वर्ष) निवासी बिटकुली, गौरी ध्रुव (13 वर्ष) निवासी बिटकुली और मुस्कान ध्रुव (12 वर्ष) निवासी परसदा, बिलासपुर शामिल हैं। वहीं बलराम ध्रुव (45 वर्ष) निवासी परसदा, बिलासपुर का देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस ने तुरंत एसडीआरएफ टीम को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल देर रात घटनास्थल रवाना हुआ।

सुबह बरामद हुआ चौथे का शव


लगातार मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह बलराम ध्रुव का शव भी बरामद कर लिया गया। ग्रामीण और परिजन पूरी रात तलाश में जुटे रहे। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

इलाके में शोक का माहौल


एक साथ परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाकों में फैली, हर कोई स्तब्ध रह गया। बिटकुली और परसदा गांव में मातम छा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बरसात के मौसम में ऐसे नालों और पुलियाओं पर अलर्ट मोड में रहना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।