
कोटा। खोंगसरा रेलवे स्टेशन के पास तीसरी रेलवे लाइन निर्माण कार्य के दौरान सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि निर्माण कार्य कर रही झाझडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लगभग 2 एकड़ शासकीय भूमि को 12 से 15 फीट तक खोदकर मिट्टी का भारी मात्रा में दोहन किया। सूत्रों के अनुसार अवैध उत्खनन दिन-रात ट्रैक्टरों और हाइवा वाहनों के माध्यम से जारी रहा।
स्थानीय जानकारों का कहना है कि इस अवैध खनन से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए कंपनी पर मात्र ₹8 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह राशि वास्तविक बाजार मूल्य के मुकाबले बेहद कम है।

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का आरोप
उत्खनन के दौरान क्षेत्र में मौजूद कई पुराने और छायादार पेड़ों की कटाई भी की गई। आरोप है कि खनिज विभाग ने इस संबंध में वन विभाग को सूचना नहीं दी? वहीं वन विभाग ने भी स्थल निरीक्षण अथवा कार्रवाई नहीं की। इससे दोनों विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में महत्वपूर्ण तथ्य गायब
घटना के पांच दिन बाद जारी विभागीय प्रेस विज्ञप्ति में
ठेकेदार का नाम, टेंडर की जानकारी,और जुर्माने का विस्तृत विवरण को शामिल नहीं किया गया। कई मामलों को एक साथ जोड़कर जारी की गई जानकारी पर स्थानीय स्तर पर असंतोष जताया गया है। आरोप हैं कि विभाग ने मामले को दबाने का प्रयास किया।

जांच की मांग तेज
इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
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