
कोटा। खोंगसरा रेलवे स्टेशन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर तीसरी रेलवे लाइन निर्माण कार्य के लिए चल रहे प्रोजेक्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रेलवे ठेकेदार ने मुख्य सड़क किनारे स्थित 2 एकड़ शासकीय भूमि पर बिना किसी अनुमति और बिना रॉयल्टी चुकाए अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन कर लिया। इस उत्खनन से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है।

उत्खनन के दौरान ठेकेदार ने जमीन पर लगे सभी हरे-भरे वृक्षों को भी काटकर पूरे क्षेत्र को मैदान में तब्दील कर दिया। स्थानीय नागरिकों के अनुसार यहाँ दिन-रात जेसीबी और चेन माउंटेन मशीनें चलती रहीं, हाइवा ट्रकों से मिट्टी की लगातार डुलाई होती रही, और मजदूर चौबीसों घंटे काम में लगे रहे।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा अवैध उत्खनन रेलवे स्टेशन और मुख्य सड़क से बेहद करीब होने के बावजूद खनिज विभाग और वन विभाग के अधिकारी पूरी तरह अनजान बने रहे। आसपास के लोगों में इस बात की चर्चा होती रही, लेकिन विभागीय अधिकारियों तक इसकी सूचना क्यों नहीं पहुंची, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि या तो अधिकारियों को समय पर जानकारी नहीं मिली, या फिर मिली भी तो उन्होंने जानबूझकर अनदेखा कर दिया। अगर जिम्मेदार अफसर समय रहते कार्रवाई कर देते, तो न केवल सरकार के राजस्व की रक्षा होती, बल्कि पर्यावरण की भी गंभीर क्षति रोकी जा सकती थी।

अब देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग और वन विभाग इस अवैध उत्खनन और वृक्षों की कटाई करने वाले रेलवे ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर औपचारिक कार्यवाही कर इसे नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
यह मामला प्रशासन की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।