अवैध निर्माण पर नगर निगम की दोहरी नीति, रसूखदार के सामने बेबस

बिलासपुर। अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर अपना बुलडोजर चलाने का दम भरने वाले बिलासपुर नगर पालिक निगम का रवैया देखकर ऐसा लगता है कि इनकी बुलडोजर सिर्फ गरीब, बेबस और लाचार लोगों के घरों और दुकानों में ही चलती है। रसूखदार और पैसों वालो के सामान तो इनके बुलडोजर के पहिए खूब ब खुद रुक जाते है। जैसे कि सामने कोई खाई या रास्ता बंद हो गया हो।
हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि हाल ही में नगर निगम की भवन शाखा ने अवैध निर्माण करने वाली खमतराई के शिवा विहार के 50 अवैध निर्माण को ढ़हा कर अपनी खूब वाहवाही लूटी। हम इस कार्यवाही के खिलाफ नहीं है, अगर कोई अवैध निर्माण करता है, तो नगर निगम की कार्यवाही न्याय सम्मत है लेकिन सिर्फ चेहरा और रुतबा देखकर कार्यवाही करना कहा तक उचित है।
आपको बता दे कि वर्षों से शहर के मध्य वार्ड क्रमांक 40, महाराणा प्रताप नगर अंतर्गत निराला नगर में शासकीय रोड एवं निस्तारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर निर्माण किया गया है,जिससे 80 फिट की मुख्य मार्ग सकरी हो गई है। यह हम नहीं नगर निगम ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्वयं कहा है, जिसे बिना अनुमति विपरीत निर्माण करने पर 1856 की धारा 307(2) के तहत 3 दिनों के अंदर तोड़ने की नोटिस भी थमाया था लेकिन आज दिनांक तक वह अवैध निर्माण नहीं तोड़ा गया। जिसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए है।
इस अवैध निर्माण की शिकायत कांग्रेस नेता श्याम कश्यप ने नगर निगम के अधिकारी, जिला कलेक्टर को कई बार देते हुए जानकारी दी कि राजा होटल के सामने ,पुराना बस स्टैंड के पास गिरिश पाण्डेय, शिरीष पाण्डेय और आशीष पाण्डेय द्वारा बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
मोहल्लेवासियों ने भी इस संबंध में कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराते हुए नगर निगम से मांग की है कि शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण कर दुकान बनाने वाले पर कार्यवाही करते उसे तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आज तक आंख मूंदकर कुंभकरण की नींद सोए हुए है।
अब आगे देखना होगा कि नगर निगम कब इस अवैध निर्माण पर निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए ढहाती है । या चेहरा और रुतबा देकर उनके दोनों हाथ बंध जाते है।
निगम की रिपोर्ट की कॉपी…...

