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रेलवे के नार्थ इंस्टीट्यू में डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर हुए रंगारंग कार्यक्रमो का आयोजन —“बाबा साहब ने संविधान में पिछड़े वर्गों, महिलाओं को जो अधिकार दिया उसके हम कृतज्ञ है : एडीआरएम : मीणा

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट (NEI) में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) एवं अखिल भारतीय एससी/एसटी एम्प्लॉईज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


दिनभर चला कार्यक्रमों का सिलसिला


14 अप्रैल को सुबह से ही संस्थान परिसर में उत्सव का माहौल रहा। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के लिए आयोजित पेंटिंग और लेखन प्रतियोगिता से हुई, जिसमें नन्हे प्रतिभागियों ने अपनी कला के माध्यम से बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
शाम को आयोजित मुख्य समारोह में SECR के ADRM जमुना शंकर मीणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ पीसीपीओ आदित्य कुमार एवं मंडल रेल प्रबंधक  राकेश रंजन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत ने दर्शकों का मन मोह लिया।

संविधान हमारी सबसे बड़ी ताकत” — अधिकारियों का संदेश

मीडिया से चर्चा करते हुए ADRM जमुना शंकर मीणा ने कहा कि बाबा साहब ने समाज के वंचित वर्ग, महिलाओं और श्रमिकों को जो अधिकार दिलाए, वे अमूल्य हैं। उनका जीवन हमें संघर्ष और आत्मबल का पाठ पढ़ाता है।


वहीं पीसीपीओ आदित्य कुमार ने कहा कि बाबा साहब द्वारा निर्मित संविधान हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति है और हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।

सामाजिक समरसता का संदेश


कार्यक्रम के आयोजक एवं अखिल भारतीय एससी/एसटी एम्प्लॉईज एसोसिएशन (SECR) के जोनल सचिव प्रभात पासवान ने कहा कि यह आयोजन केवल जयंती मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने का एक प्रयास है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


भाईचारे के साथ हुआ समापन


कार्यक्रम का समापन सामूहिक रात्रि भोज के साथ हुआ, जिसमें रेलवे परिवार के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का परिचय दिया।
इस पूरे आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।