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बिलासपुरस्वास्थ्य

बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या हो सकती है घातक

बिलासपुर। विश्व मोटापा दिवस 0 4 मार्च कार्यवाही का एकाकृत दिन है । जो मोटापे के संकट के लिए एकजुट, क्रॉस-सेक्टर प्रतिक्रिया का आह्वान करता है। इस वर्ष के अभियान का विषय ‘आओ मोटापे के बारे में बात करें’ है।

बच्चों के स्वास्थ्य के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि 2020-21-22 में, 10-17 वर्ष की आयु के 17.0% युवाओं को मोटापा था।
मोटापा एटलस 2023 ने मोटापा-एनसीडी (गैर-संचारी रोग) तैयारियों के मामले में भारत को कुल 183 देशों में से 99वें स्थान पर रखा है।

वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन की नवीनतम रिपोर्ट, ओबेसिटी एटलस 2023 में अनुमान लगाया गया है कि कैलोरी से भरपूर और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की बढ़ती उपलब्धता के साथ, भारतीय महिलाओं में मोटापा सबसे अधिक बढ़ेगा। हालाँकि भारतीय लड़कियाँ अपना वज़न बेहतर ढंग से प्रबंधित कर लेंगी।

समान आयु और लिंग के बच्चों और किशोरों के लिए मोटापे को 95 प्रतिशत या उससे ऊपर के बीएमआई के रूप में परिभाषित किया गया है।

रायपुर शहर में 6-18 वर्ष के बच्चों में मोटापे का प्रसार ( prevalance) 13.46% है और अधिक वजन का प्रसार 10.54% है। बिलासपुर शहर में इस तरह का कोई अध्ययन नहीं हुआ है, इसलिए हमने बिलासपुर के स्कूलों में शोध कार्य शुरू किया है।

2022 में, दुनिया में 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे के साथ जी रहा था, दुनिया भर में वयस्क मोटापा 1990 के बाद से दोगुना से अधिक हो गया है और किशोर मोटापा चार गुना हो गया है।

मोटापे से बच्चे में टाइप-2 मधुमेह, रक्तचाप में वृद्धि, कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि, आर्थोपेडिक समस्याएं और यकृत रोग जैसी गंभीर और पुरानी चिकित्सा समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बचपन का मोटापा बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, सामाजिक और भावनात्मक कल्याण और आत्मसम्मान पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। यह खराब शैक्षणिक प्रदर्शन और बच्चे द्वारा अनुभव की गई जीवन की निम्न गुणवत्ता से भी जुड़ा है।

बचपन में मोटापे की रोकथाम:

1) बच्चे के वजन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय धीरे-धीरे पारिवारिक खान-पान की आदतों और गतिविधि के स्तर को बदलने पर काम करें।

2) एक रोल मॉडल बनें.
3) शारीरिक गतिविधि को प्रोत्साहित करें.
4) फोन, कंप्यूटर और टीवी के सामने स्क्रीन टाइम को प्रतिदिन 1-2 घंटे से कम करें

किशोरों को इस बारे में जागरूक करने व उचित मार्गदर्शन हेतु आईएपी बिलासपुर व सिम्स मेडिकल कॉलेज द्वारा शहर के विभिन्न स्कूलों में किशोरों की जाँच का कार्यक्रम विश्व मोटापा दिवस ४ मार्च से आरंभ किया जा रहा है । यह जाँच व मार्गदर्शन का कार्य एक वर्ष तक विभिन्न स्कूलों में संचालित रहेगा ।

यह कार्यक्रम आईएपी बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ संतोष गेमनानी व सेक्रेटरी डॉ अभिषेक कलवानी एवं सिम्स के वरिष्ठ डाक्टर, डॉ राकेश नहरेल , डॉ समीर जैन के मार्गदर्शन व सहयोग से किया जायेगा । इस लेख की लेखिका डॉ वर्षा तिवारी पुरोहित जो कि सिम्स में एसोसियेट प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत हैं , उनकी इस शोध में मुख्य मार्गदर्शिका की भूमिका रहेगी ।