
बिलासपुर। सिम्स मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों के बीच व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन गुरुवार को किया गया। डीन डॉ. कमल किशोर सहारे ने वाइट कोर्ट प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के डीन डॉक्टर के.के सहारे ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल क्षेत्र में वाइट कोट का बहुत ही बड़ा महत्व है। व्हाइट कोट पहनने के बाद समाज के प्रति उत्तरदायित्व काफी बढ़ जाता है। इस मेडिकल कॉलेज की कोशिश है कि विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधन के सहारे अधिक से अधिक शिक्षा दी जाए। छात्रों से भी सहयोग की अपेक्षा है। जरूरत पड़ने पर एक्स्ट्रा क्लास भी संचालित कराया जाएगा। शिक्षक और छात्रों के बीच विद्वेष की भावना नहीं होनी चाहिए। शिक्षक और छात्रों के बीच मधुर संबंध होनी चाहिए।

छात्रों से नियमित क्लास करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यूनिवर्सिटी स्तर पर होने वाली परीक्षाओं में उपस्थिति को लेकर किसी प्रकार की परेशानियों का सामना छात्र छात्राओं को नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को संयम और धैर्य के साथ शिक्षा ग्रहण करने पर जोर दिया।

मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर पंकज टेम्भूर्निकर ने कहा कि वाइट कोट को धारण करने के बाद जिंदगी में नया बदलाव आने वाला है। अनुशासन, लगन और ईमानदारी के साथ अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
सिम्स अधीक्षक डॉक्टर एस के नायक ने कहा कि 80% उपस्थिति अनिवार्य है, इसका पालन सभी छात्र-छात्राओं करना चाहिए। कैंसर विभाग के एचओडी डॉक्टर चंद्रहास ध्रुव ने कहा कि आज का दिन फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक है। वाइट कोर्ट के उत्तरदायित्व को समझने की जरूरत है।
इस दौरान डॉ. राकेश निगम, डॉ. संगीता जोगी, डॉ विवेक शर्मा, डॉ जेपी स्वाइन, सहित सिम्स मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों के विभागध्य्क्ष,प्रोफेसर एवम बड़ी संख्या में एमबीबीएस के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।