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क्राइममुंगेली

मुंगेली: तंत्र क्रिया के लिए भाई-भाभी ने 7 साल की बच्ची की दी बलि, 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंगेली। जिले के लोरमी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तंत्र क्रिया के लालच में आकर एक 7 वर्षीय मासूम की बलि चढ़ा दी गई। मृतक बच्ची की पहचान लाली गोस्वामी (7 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कोसाबाड़ी गांव की रहने वाली थी। बच्ची की हत्या उसके अपने ही भाई और भाभी ने की।

श्मशान में तंत्र क्रिया के बाद हत्या, खेत में दफनाई गई लाश

पुलिस जांच के अनुसार, लाली को रात में उसकी मां के पास से उठाकर श्मशान ले जाया गया, जहां तांत्रिक पूजा के बाद चाकू से उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। शव को करीब 100 मीटर दूर एक खेत में गाड़ दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब 6 मई को श्मशान के पास एक खेत से एक बच्ची की खोपड़ी और हड्डियां बरामद हुईं। डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि वे हड्डियां लाली की ही थीं।

जांच में खुला पूरा सच, नार्को टेस्ट में आरोपियों ने उगला राज

बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और मुंगेली एसपी भोजराम पटेल के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने केस की तह तक जाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, साइबर साक्ष्य, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक तकनीकों जैसे नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलिग्राफ टेस्ट का सहारा लिया।

जांच के दौरान आरोपियों की पहचान हुई:

ऋतु गोस्वामी (36) – मास्टरमाइंड और मृतका की भाभी
चिम्मन गिरी गोस्वामी (40) – मृतका का भाई
नरेंद्र मार्को (21)
आकाश मरावी (21)
रामरतन निषाद (45) – झाड़-फूंक करने वाला तथाकथित बैगा

नार्को टेस्ट में ऋतु ने खुलासा किया कि उसने ‘झरन पूजा’ के जरिए धन प्राप्ति के लिए तांत्रिक बलि देने की योजना बनाई थी। बच्ची को काले कपड़े पहनाकर तंत्र क्रिया के दौरान चाकू से हत्या की गई।

कोर्ट ने सभी आरोपियों को भेजा जेल

एसपी भोजराम पटेल ने बताया कि पांचों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त चाकू और तंत्र पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री पुलिस ने बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

यह घटना न सिर्फ क्षेत्र में सनसनी फैलाने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आज भी अंधविश्वास और तंत्र क्रिया के नाम पर कितने निर्दोषों की जान ली जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में हर आधुनिक तकनीक का उपयोग किया, जिससे बच्ची को इंसाफ दिलाया जा सका।