मुझे बिना कारण सजा दी गई…. fb live में फूटा इंजीनियर का दर्द, जिला पंचायत सीईओ पर गंभीर आरोप, मंत्री से लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर/मुंगेली।जिला पंचायत के एक कथित मनमाने आदेश ने अब तूल पकड़ लिया है। जनपद पंचायत मुंगेली में पदस्थ उप अभियंता सोनल जैन ने पहले फ़ेसबुक लाइव आ कर अपना दर्द बया की ।वही अब उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
सोनल जैन का कहना है कि जिला पंचायत सीईओ द्वारा उनके खिलाफ बिना किसी ठोस शिकायत या जांच के नियम विरुद्ध संलग्नीकरण (अटैचमेंट) का आदेश जारी कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्हें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मुंगेली भेज दिया गया, जहां इंजीनियर का कोई पद ही नहीं है।
RTI में खुलासा, नहीं मिली कोई शिकायत!
मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब जैन ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी हासिल की। प्राप्त जानकारी में साफ बताया गया कि जनपद पंचायत मुंगेली में उनके खिलाफ कोई शिकायत या जांच दर्ज ही नहीं है। इससे पूरे आदेश की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
16 साल की सेवा पर उठे सवाल
अपने पत्र में सोनल जैन ने बताया कि वे पिछले 16 वर्षों से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद बिना किसी आधार के की गई इस कार्रवाई से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
fb live आ कर लगाए कई आरोप
सोनल जैन ने fb live आ कर कहा की बीजेपी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से उन्हें कहा है कि साव सर के कहने पर ही उनका यह अटैचमेंट किया गया है। जिसके बाद उन्हें अरुण साव से मिलने की इच्छा उनकी नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ ही उनके विभाग के एक अनुविभागीय अधिकारी का भी अरुण साव के कॉल पर अटैचमेंट किया गया है। जिसकी जानकारी भी बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा उन्हें दी गई । उन्होंने अरुण साव से अपील करते हुए कहा कि अगर आपके कॉल से मेरा अटैचमेंट हुआ है तो उसे खत्म कराए। नहीं तो कई लोगों के सबूत है उनके पास जो वो सोशल मीडिया में डाल देगी।
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(fb Live वीडियो)
मंत्री से लगाई गुहार
उन्होंने सोशल मीडिया में लाइव आने के साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा को एक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि मैं पिछले 16 वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हूं किंतु जिला पंचायत सीईओ द्वारा बिना किसी ठोस आधार के मेरा अटैचमेंट कर मेरी प्रतिष्ठा और छवि को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। जिससे मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं । अतः इस “नियम विरुद्ध संलग्नीकरण आदेश” को तत्काल निरस्त कर न्याय प्रदान करे।
अब देखना यह होगा कि इस गंभीर मामले में सरकार क्या रुख अपनाती है—क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा?
