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बिलासपुर कोचिंग डिपो हादसा : मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन, शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार, रेलवे अधिकारियों के हाथ पांव फूले

बिलासपुर। रेलवे कोचिंग डिपो में हाईटेंशन ओएचई की चपेट में आकर घायल हुए निजी कंपनी के कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक प्रताप बर्मन (भिलाई निवासी) की मौत के बाद परिजन एक करोड़ रुपए मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन पर अड़े हुए हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

मृतक

जानकारी के अनुसार, वंदेभारत कोच की सफाई के दौरान प्रताप बर्मन हाईटेंशन ओएचई की चपेट में आ गया था। गंभीर रूप से झुलसे प्रताप को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव जिला अस्पताल के मरच्यूरी में रखा गया है।

शव लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे परिजन रेलवे प्रशासन से एक करोड़ रुपए मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी परिजनों के साथ डीआरएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। शनिवार को अवकाश होने के कारण कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, बावजूद इसके परिजन शव यात्रा की काठी लेकर कार्यालय के सामने डटे रहे।

रेलवे प्रशासन के अनुसार मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि के तौर पर रेलवे से 16 लाख और राज्य सरकार से 5 लाख यानी कुल 21 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान है। यदि परिजन इसे स्वीकार नहीं करते हैं तो आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशानुसार की जाएगी।